School Principal Message

केन्द्रीय विद्यालय 210 कोबरा के. रि. पु. ब. दलगांव का प्राचार्य होना विशिष्ट सम्मान की बात है। संस्था की मुखिया होने के कारण मैं ऐसा विश्वास है कि जीवन के सभी पक्षों के उद्देश्य प्राप्ति हेतु विद्यार्थियों में न केवल ज्ञान बल्कि उच्च चरित्र का होना भी अनिवार्य है।

किसी व्यक्ति के जीवन में शिक्षा के महत्त्व की अवहेलना नहीं की जा सकती । यह उनके भविष्य को उचित स्वरूप प्रदान करती है तथा उनमें ऐसे गुणों का संचार करती है जो उनके जीवन के सभी क्षेत्रों में मार्ग दर्शन करती है। ऐसा कहा गया है कि यदि आप एक वर्ष की योजना बनाते है तो चावल उगाओ, यदि आप एक दशक की योजना बनाते हैं तो वृक्ष उगाइए और यदि आप पूर्ण जीवन की योजना बनाते हैं तो लोगों को शिक्षित कीजिए। वास्तव में ऐसा भी कहा जा सकता है कि किसी राष्ट्र के भाग्य का निर्धारण उस राष्ट्र् में दी जाने वाली शिक्षा की गुणवत्ता पर निर्भर है ।

मेरे विचार में, शिक्षा का अर्थ केवल सूचना देना नहीं है इसका अर्थ है विद्यार्थी को उन साधनों से युक्त करना जिनसे विद्यार्थी अपने अंतर्मन से उत्तर खोजने योग्य हो सकें । शिक्षा विद्यार्थी को स्वयं से खोज के लिए सशक्त बनाती है प्रत्येक विद्यार्थी के अन्दर एक डॉक्टर, इंजीनियर, अध्यापक, समाजसेवी, खिलाड़ी, पर्यावरणविद्, कवि, लेखक या एक अर्थशास्त्री छिपा है।

मैं सौभाग्यशाली हूँ कि मेरे साथ एक अनुभवी और कर्मठ शिक्षक समूह है जिसकी वजह से विद्यालय तेजी से आगे बढेगा । मैं अपने कर्मठ एवं कर्तव्य निष्ठ कर्मचारियों के साथ दृढ़ प्रतिज्ञ हूँ कि मैं इस विद्यालय के विकास की मजबूत नींव को और सुदृढ़ करते हुए क्षितिज तक ले जाउॅग । मेरा उद्देश्य न केवल योग्य प्रशासक बनना है बल्कि एक मित्र, दार्शनिक और विद्यार्थियों के लिए एक मार्ग दर्शक बनना भी है जिसके ऊपर वे हर समय भरोसा कर सकें। मैं आपको यह विश्वास दिलाता हूँ कि विद्यालय के विकास हेतु विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के सुझाव अथवा मार्ग दर्शन का सदैव स्वागत करुँगा ।

मूल सिंह शेखावत

प्राचार्य